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हाजीपुर: जिलाधिकारी द्वारा रेफरल अस्पताल लालगंज के औचक निरीक्षण में गड़बड़ी पाये जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने तथा अगले आदेश तक वेतन बंद करने के दिए गये निर्देश

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बिहार न्यूज़ लाइव डेस्क:

डॉ० संजय(हाजीपुर)

जिलाधिकारी, वैशाली,यशपाल मीणा के द्वारा संध्या 5:00 बजे से रेफरल अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र,लालगंज का औचक निरिक्षण किया गया।निरीक्षण के क्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉक्टर सरिता शंकर के द्वारा जिलाधिकारी के प्रश्नों के संतोषजनक जवाब नहीं देने और निर्धारित रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों की डियूटी सही नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण करने तथा अगले आदेश तक उनका वेतन बंद करने का निर्देश दिया।एक अन्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर गीतांजलि की डियूटी से अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन भी अगले आदेश बंद करने के निर्देश दिए गए। यहां के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक(बीएचएम), संजीव लाल को कर्तव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही को लेकर तत्काल प्रभाव से ही पातेपुर हस्तानांतरित करने का निर्देश दिया गया ।

 

 

जिलाधिकारी ने फोन पर ही सिविल सर्जन से बात कर यह स्पष्ट कर दिया कि बीएचएम, संजीव लाल 19 अगस्त 2022 की सुबह यहां से विरमित माने जाएंगे । जिलाधिकारी के द्वारा रेफरल अस्पताल के सभी वार्ड का निरीक्षण किया गया।जिलाधिकारी प्रसूता वार्ड भी गए और भर्ती हुई महिलाओं से मिलकर जानकारी प्राप्त की।उसके बाद चिकित्सकों की डियूटी का रोस्टर देखा गया जिसमें पाया गया कि डॉक्टर गीतांजलि के बदले डॉक्टर संजय कुमार सेवा दे रहे थे ,जबकि उनकी ड्यूटी रात्रि प्रहर था जिसे देखकर नाराजगी व्यक्त की गई।

 

 

यहां पर जिलाधिकारी ने रेफरल पंजी और एंबुलेंस पंजी देखी,लेकिन इन पंजियों के संधारण सही नहीं पाये गये। रेफरल पंजी में मरीज के रेफर का कारण और किस चिकित्सक के द्वारा रेफर किया गया,अंकित नहीं था । जिलाधिकारी ने रेफर किए गए मरीजों की परची की मांग की,परंतु अस्पताल प्रबंधन यह उपलब्ध नहीं करा सका । यह भी नहीं बताया गया कि कौन मरीज कहां रेफर किया गया । इसे घोर लापरवाही मानते हुए बीएचएम को वहां से तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया।एंबुलेंस के बारे में जानकारी मिली कि दो एंबुलेंस कार्यरत हैं। जिलाधिकारी के द्वारा पूछने पर एमओआईसी ने बताया कि अभी तक कुल पांच प्रसव कराए गए हैं और ओपीडी में कुल 128 मरीजों को देखा गया है।सभी जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं ।प्रसव-कक्ष के बाहर और गलीयारा में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है । जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी चिकित्सा पदाधिकारी कार्य- अवधि के दौरान निजी प्रैक्टिस नहीं करेंगे ।

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