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हर हाल में स्वच्छता ग्राही यों को सम्मानजनक वेतन व सरकारी कर्मी का दर्जा देना सरकार का दायित्व- राष्ट्रीय प्रवक्ता

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मांगो के समर्थन में उमड़ा स्वच्छताग्रहियो का जन सैलाब गर्दनीबाग पटना में।

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पटना/ नालंदा- कुमुद रंजन सिंह की रिपोर्ट।

देशभर में बहाल स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छताग्राहीयो की हालत बद से बदतर होती जा रही है। केंद्र सरकार ने अपनी घोषणा के तहत पंचायत स्तर पर बहाल स्वच्छता ग्राही यों को ना तो मानदेय दे रही है और ना ही उनके लिए कोई मूलभूत सुविधाएं दी जा रही है, 2 सालों से कार्यरत स्वच्छता ग्राही के लिए सरकार में भुगतान की कोई सही प्रक्रिया नही है । किसी- किसी पर प्रखंड मै दो महीने का तो किसी प्रखंडों मै 8 महीने का मानदेय भुगतान हो पाया है वही लगभग साल 2 साल से कार्यरत मूलभूत सुविधाओं व् बकाया मानदेय के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता ग्राही संघ के बैनर तले, बिहार इकाई ने पटना के गर्दनीबाग में महा धरना का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य भर के हजारों स्वच्छता ग्राही शामिल हुए इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वच्छताग्राही संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमुद रंजन सिंह ने बताया कि बिहार राज्य और जिला प्रशासन के मनमानी रवैया के कारण बिहार में नियमित भुगतान नहीं की जा रही है इतना ही नहीं उनसे 18 घंटे काम लेने के बावजूद कोई भी मुलभुत सुबिधायें नही दी जा रही वही सुबह 4:00 बजे लेकर के साय के आठ -नौ बजे तक काम लिया जाता है ,जबकि उन का निर्धारित मानदेय ₹200 भी नहीं दिया जा रहा है युवाओं के श्रम का बिहार सरकार के अधिकारी कर्मचारी मिलकर शोषण कर रहे हैं और बिहार सरकार राज्यों के युवाओ के श्रम को जीविका व अपने अधिकारियों का श्रम बता कर अपना पीठ थपथपा रही है और स्वच्छताग्रहियो की आवाज को दबाया जा रहा है। अपनी आवाज को आम जनमानस और सरकार तक पहुंचाने के लिए स्वच्छताग्राही बाध्य होकर पटना में धरना का आयोजन किया है, जल्द ही आगे का भी निर्णय किया जाएगा ।इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष मुन्ना कुमार ने बताया कि बिहार सरकार के प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा स्वच्छताग्रहियो का दोहन किया जा रहा है और उन्हें हटाए जाने की धमकी देकर मुंह चुप करा दिया जाता है और बिना मानदेय दिए हैं लगभग 10- 12 महीनों तक काम ले ने के बावजूद मानदेय नहीं दिया जा रहा है उपाध्यक्ष श्री मुन्ना कुमार ने राज्य व केंद्र सरकार से मांग की है कि सभी हटाए गए स्वच्छताग्रहियो को बहाल किया जाए ।उन्होंने बताया कि सभी का चयन करने के उपरांत कठिन प्रशिक्षण के बाद काम पर लगाया गया ,और वेतन मांगे जाने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा है। जोकि सरासर हिटलर शाही रवैया है । सरकार की इस रवैया का हम सभी स्वच्छताग्राही पुरजोर विरोध करते हैं इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश कुमार यादव ने कहा कि सरकार यदि हमारी मांग नहीं मानती है तो राजभर में कार्य लगभग 30000 तिस हजार स्वच्छताग्रही सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे और इसकी जिम्मेवारी बिहार सरकार के अधिकारी गण होंगे। इस अवसर पर उत्तम कुमार,भूषण कुमार, मनोहर कुमार,मंजू कुमारी, रस्मिता कुमारी ,जावेद आलम ,अजय कुमार पांडे ,अजय कुमार सिंह, रामप्रताप महतो ,जयशंकर ठाकुर चार्जर ,नीलम कुमारी ,कशिश कुमारी,ऐजाज आलम सहित दर्जनों स्वच्छताग्राही यों ने अपनी बातों को रखा।धरना के उपरांत अपनी मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया।

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