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समस्तीपुर/ बचपन की याद आती होगी, वादा वो कसमे हरपल तड़पाती होगी।

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रविन्द्र ठाकुर/उदय कुमार 

शाहपुर पटोरी/समस्तीपुर

“बचपन की याद तो आती होगी , वादा वो कसमें हरपल तड़पाती होगी !

देखा था कल तुम्हें , बैठ गए हम तेरे बगल मे ! दिल का हाल पूछा भी नही , क्या याद करोगी जीवन मे !” उक्त वियोग भरी कविता कवि सुबोध कुमार सिंह ने बीते रविवार को ज्योंही अपने वियोगी जुबां से सुनाया उपस्थित श्रोताओं ने आह भर बैठे । मौका था सिरदिलपुर स्थित रामदुलारी साहित्यकार मंडल के तत्वाधान मे आयोजित भारतेन्दु हरिशचंद्र जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं पर्यावरण संरक्षण – एक अभियान के बैनर तले वृक्षारोपण समारोह का । पूर्व रेल राजभाषा अधिकारी सह साहित्यकार द्वारिका राय सुबोध के संयोजकत्व , समीक्षक साहित्यकार डॉक्स शैलेन्द्र त्यागी की अध्यक्षता एवं उर्दू शायर अब्दुल मोबीन वाहिद के सफल संचालन ने उक्त समारोह को यादगार बना दिया ।

समारोह का उदघाटन समारोह के अध्यक्ष के अलावे मुख्य अतिथि डॉ.एस.एन झा एवं मुख्य वक्ता प्रो.अवधेश कुमार झा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया । वही सम्मेलन का आगाज बाल कवि जयंती पुष्पम के सरस्वती वंदना से किया गया । तत्पश्चात उपस्थित साहित्यकारों एवं श्रोताओं द्वारा कार्यक्रम संयोजक श्री सुबोध के नेतृत्व मे सितम्बर माह मे जन्मे एवं दिवंगत हुए आधुनिक हिन्दी के जनक भारतेन्दु हरिशचंद्र , राष्ट्रकवि रामधारी सिंह “दिनकर” , दुष्यंत , पद्मश्री कुँवर नारायण , नलिन विलोचन शर्मा , मुक्तिबोध , डॉ.शंभूनाथ सिंह , मनु शर्मा , विनोबा भावे , भुपेन्द्र हजारिका , डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन , दादाभाई नौरोजी , जॉन एश्वेरी एवं मोहिउद्दीननगर विधानसभा के प्रथम विधायक रामरूप राय को श्रध्दासुमन अर्पित किया गया । उसके बाद उपस्थित कवियों ने एक से बढ़कर एक कविता से ऐसा समां बांधा कि श्रोताओं के वाहवाही एवं तालियों की गड़गड़ाहट से सारा इलाका गूँज उठा । इस दौरान भादो मास को पुनः आमंत्रण करते हुए कवि रामचन्द्र चौधरी अपनी कविता “भादो मास तुम फिर फिर आना ! किसी कारण से रूठ न जाना !!” तो मुरारी प्रसाद शर्मा की कविता “छूकर राधिका वेणी , बदन सहला गये बादल ! गाते बजाते नील नभ मे , छा गये बादल !!” जबकि हिन्दी का गुणगान करते शरदेन्दु शरद की कविता “जन गण मन की भाषा हिन्दी , भारत की परिभाषा हिन्दी ! मूक बधिर अन्धो की लाठी , गाँधी की अभिलाषा हिन्दी !!” ने समारोह मे चार चाँद लगाते हुए यादगार बना दिया । इसके अलावे कवि प्रेम कुमार पाण्डेय , दुखित महतो “भक्तराज” , दिनेश प्रसाद , ज्वाला सांध्यपुष्प , सुबोध कुमार सिंह , गया प्रसाद यादव , अरुण कुमार सिंह , राधारमण चतुर्वेदी एवं रामश्रेष्ठ पाण्डेय सरीखे आदि कवियों ने भी अपनी कविता से समारोह को जीवंत कर दिया । समारोह की समाप्ति पर्यावरण संरक्षण -एक अभियान के संयोजक बैंक ऑडिटर सह पर्यावरण योद्धा वशिष्ठ राय वशिष्ठ के नेतृत्व मे वृक्षारोपण कर किया गया ।

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