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समस्तीपुर:पटोरी के धमौन गाँव मे आरटीआई कार्यकर्ताओं को सुचना के बदले मिला मुकदमों का तोहफा, घर पर हुई कुर्की की कार्रवाई

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सुमन मिश्रा/उदय कुमार/शाहपुर पटोरी/समस्तीपुर
पटोरी थाना क्षेत्र के उतरी धमौन गाँव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अनिरूद्ध राय उर्फ देवानंद राय के घर बीते रविवार की देर शाम सूचना के अधिकार का प्रयोग करने के बदले सौगात मे मिली मुकदमों को लेकर पटोरी पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई कर सरकार और प्रशासन सवालो के घेरे मे आ गया है कि आखिर सूचना का अधिकार किस उद्देश्य से लोगो को समर्पित किया गया ?

आखिर कानून के लागू होने के इतने वर्ष बाद भी आजतक जनता इसे अपनाने से कतराती क्यूँ है ? तो जबाव मिलेगा कि सूचना का अधिकार केवल और केवल जनता को मूर्ख बनाने के लिए बनाया गया । और अगर कोई इस अधिकार का प्रयोग करता है तो सूचना देने के बदले उल्टे मुकदमों के तोहफों से सम्मानित किया जाएगा और यही हश्र हुआ उक्त आरटीआई कार्यकर्ताओं की । उसका कसूर केवल इतना भर था कि उसने अपने एवं आसपास के पंचायतों के जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों से वितरण से सम्बंधित जानकारी मांगी थी । जानकारी के बदले उसे मुकदमों के माध्यम से अपराधी घोषित किया गया जिसमे स्थानीय प्रशासन का पुरा पुरा सहयोग मुकदमा करने वालो को मिला । यहाँ तक कि उक्त आरटीआई कार्यकर्ताओं के ऊपर प्रशासन की ओर से तरह तरह के दबाव समझौता करने हेतु दिया गया । और समझौता इसीलिए की मांगी गई सूचना के लपेटे मे पदाधिकारी भी मे आनेवाले थे । अपने को फंसता देख एक साजिश के तहत उक्त कार्यकर्ताओं के ऊपर मुकदमा किया गया जिसका परिणाम कुर्की जब्ती है । आज देश मे आरटीआई कार्यकर्ताओं के साथ देश मे क्या क्या साजिश की जा रही है यह किसी से छुपी हुई नही है , फिर सबकुछ जानते हुए प्रशासन भ्रष्टाचार को रोकने के बजाय बढ़ावा देने वालो पर इतना मेहरबान क्यूँ यह भी एक सवाल है । अभी तो उस अधिकार के प्रयोग के परिणाम की शुरुआत हुई है । बहुत कुछ आने बांकी है । जबकि आरटीआई कार्यकर्ता फिलहाल अपने आपको बचाए फिर रहे है एवं दर दर की ठोकर खा रहे है ।

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