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रेल परिचालन बंद करा रोप रेस्क्यू तकनीक से जाकर एनडीआरएफ ने बचायी पटना के एक व्यक्ति की जान

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,जेपी सेतु से गिरकर रेलवे ट्रैक के ज़िगज़ैग मेटलिक गार्डर्स के बीच फंसा हुआ था जख्मी विक्रमादित्य

किशोर चौहान,बिहटा,(पटना)।पटना के जे० पी० सेतु से गिरकर रेलवे ट्रैक के ज़िगज़ैग मेटलिक गार्डर्स के बीच बुरी तरह जख्मी होकर फंसा हुआ पटना के एक व्यक्ति की जान एनडीआरएफ ने बचा ली।शनिवार की सुबह पटना का रहने वाला 30 वर्षीय विक्रमादित्य जेपी सेतु (गंगा नदी पर सड़क और रेल पुल) के पिलर 18 के पास गिर गया था।जिसे बचाने के लिये टीम को पटना जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा बुलाया गया था।मिली जानकारी के अनुसार कमांडेंट विजय सिन्हा के आदेश पर बटालियन की टीम को दीघा पाटीपुल घाट,पटना में माँ दुर्गा मूर्ति विसर्जन के अवसर पर उप कमान्डेंट कुलदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में तैनात किया गया था।जिसे बचाव ऑपेरशन के लिए तुरन्त घटनास्थल पर भेज गया। टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए घटनास्थल पर पहुँची और जख्मी को सुरक्षित बचाने के लिए कुमार बालचन्द्र, उप कमान्डेंट के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपेरशन में लग गयी। बचावकर्मियों ने अपनी व्यवसायिक कार्यकुशलता का परिचय देते हुए रोप रेस्क्यू तकनीक की मदद से फँसे हुए व्यक्ति के पास पहुँचे।जिन्होंने जख्मी के फ्रैक्चर हाथ और पैर को स्थिर करके उसे सुरक्षित जिन्दा निकाला।उन्हें दीघा पुलिस ने बेहतर चिकित्सा के लिये पारस अस्पताल में भर्ती कराया है।इस संबंध में कमान्डेंट विजय सिन्हा न बताया की एनडीआरएफ के अनुरोध पर इस पूरे बचाव ऑपेरशन के दौरान रेलवे परिचालन को रोक दिया गया था। फंसे पीड़ित की पहचान विक्रमादित्य सिंह (30 वर्ष), पिता- स्वर्गीय अजीत कुमार सिंह, पूर्वी बोरिंग कैनाल रोड, पटना के रूप में की गई है। इसके लिये कमान्डेंट ने त्वरित रेस्पांस कर एक बहुमूल्य जान बचाने के लिए टीम द्वारा किया गया इस सफल ऑपेरशन पर संतोष व्यक्त करते हुए अपने बचावकर्मियों को शाबासी दी है।उन्होंने बताया कि मूर्ति विसर्जन के लिये 16 इनफ्लैटेबल मोटर बोटों के साथ बचावकर्मियों को पटना के विभिन्न घाटों पर तैनात किया गया था।जिसके लिये 9वीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल बिहटा की 02 टीमों को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुरोध पर तैनात गया था।उनको दीघा पुल,नासरीगंज,लॉ कॉलेज,काली घाट,कलेक्ट्रीयेट तथा हल्दी छपरा घाट पर तैनात किया गया था।टीम अत्याधुनिक बाढ़-बचाव उपकरण,कुशल तैराक तथा प्रशिक्षित गोताखोर,डीप डाइविंग सेट के साथ मेडिकल स्टाफ आवश्यक दवाईयों तथा चिकित्सीय सुविधा के साथ तैनात रही।वे लोग नदी घाटों के किनारे लगातार बोट पेट्रोलिंग कर मूर्ति विसर्जन करने वालो पर नजर रखकर मेगाफोन व सिटी द्वारा विसर्जन के लिये आये लोगो पर नजर बनाए रखी।

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