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गोपालगंज: मुखिया पति हत्या कांड में संलिप्त आरोपितों की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस

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नीरज कुमार सिंह/मंजेश कुमार
बिहार न्यूज लाइव@हथुआ

प्रखंड की मटिहानी नैन पंचायत के मुखिया नीलम देवी के पति व जदयू के जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह की हत्याकांड में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। हत्याकांड में शामिल शूटरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने यूपी के कई स्थानों पर छापेमारी की है। इसमें पुलिस टीम को कई सुराग भी हाथ लगे हैं। पुलिस का अंदेशा है कि हत्या के बाद शूटर यूपी के गोरखपुर में शरण लिए हुए है। इसके बाद टीम ने वहां कई ठिकानों पर छापे मार कर हत्यारों को दबोचने का प्रयास किया। हांलाकि पुलिस के आने की भनक हत्यारों को पहले ही लग गई। इसलिए वहां से भाग निकले। वहीं पुलिस की दुसरी टीम सीवान, छपरा तथा जिले के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसके पूर्व टीम ने आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपित विशाल सिंह तथा करण सिंह की तलाश में पुलिस ने जाल बिछाया है। इन दोनों के करीबियों का मोबाइल सर्विलांस पर रखा गया है। घटना के दिन पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों के मोबाइल का सीडीआर निकाला है। जिससे कई जानकारियां मिली है। पुलिस हत्याकांड के तार के कई लोगों से जोड़ कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि विशाल सिंह से पुरानी अदावत के साथ चुनावी रंजिश भी घटना का कारण हो सकता है। हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम लगातार काम कर रही है लेकिन अब तक कोई खास हाथ नहीं लगी।

विशाल की कुंडली खंगाल रही है पुलिस

जदयू नेता व मुखिया पति उपेन्द्र सिंह की हत्या के बाद पुलिस आरोपित विशाल सिंह की कुंडली खंगालने में जुट गई है। मीरगंज थाने के मटिहानी माधो गांव के रामप्रवेश सिंह का पुत्र विशाल पूर्व से ही कई मामलों में आरोपित है। इसने वर्ष 2015 में मुखिया पति पर गांव के ही समीप रानी बगीचा में जानलेवा हमला कर चुका है। इसमें मुखिया पति बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में वह आरोपित है। इसके पूर्व वह कई बाइक लूटकांड की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। रंगदारी, लूटकांड, छिनतई आदि मामलों में वह विभिन्न थानों में आरोपित है। पुलिस इससे जुड़े उन सभी लोगों के तार को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है।

जेल से बाहर निकलने के बाद विशाल ने दी थी धमकी

कई मामलों में आरोपित विशाल जब जेल से जमानत पर बाहर निकला तो मुखिया पति को जान से हाथ धोने की धमकी दी थी। उसके कुछ ही दिनों के बाद यह घटना घट गई। धमकी दिए जाने की बात मुखिया पति ने अपने परिजनों को दी थी। हांलाकि इस मामले में वह पुलिस को कोई लिखित सूचना नहीं दी। धमकी के बाद भी मुखिया पति उपेन्द्र बड़ी सहजता के साथ अपने दैनिक कार्यो में लग गए। लेकिन विशाल उनकी रेकी करने लगा। परिजनों का कहना है कि कुछ लोग एक सप्ताह से उनका पीछा कर रहे थे। लेकिन वह इसको नजर अंदाज करते रहे। इसी बीच उन लोगों ने मौका देखते ही गोली मारकर हत्या कर दी।

शराब बेचने का विरोध किया था मुखिया पति ने

वर्ष 2015 में अवैध शराब बेचे जाने से मना करने पर विशाल सिंह से मुखिया पति उपेन्द्र की तनातनी हुई थी। उसी के बाद से उन पर हमला किया गया था। शराब बेचने के मामले में विशाल के पिता को जेल हुई थी। पिता के जेल जाने के बाद विशाल ने मुखिया से बदला लेने की धमकी देने लगा। इसके बाद वह हमला भी कर दिया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शराब बेचे जाने के विरोध को लेकर ही विशाल व मुखिया पति से अदावत हो गई। हत्याकांड में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। हत्याकांड से जुड़े कई तार पुलिस को मिले हैं। इस मामले की पुलिस गहराई से जांच कर रही है। हथुआ एसडीपीओ अशोक चौधरी ने जल्द ही मामले का पर्दाफास कर देने का बात कहा है।

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