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गोपालगंज: ट्रेन से गिरकर पंचेवरी के युवक की मौत

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लुधियाना से लौट रहा था घर, गोरखपुर व बस्ती के बीच हुआ हादसा

हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम

नीरज कुमार सिंह/रंजीत मिश्र
बिहार न्यूज लाइव@पंचदेवरी

पंचदेवरी-प्रखण्ड क्षेत्र के मगहिया गांव के एक युवक की गोरखपुर व बस्ती के बीच बुधवार को ट्रेन से गिरकर मौत हो गयी। मृत युवक प्रखण्ड क्षेत्र के मगहिया निवासी सुदर्शन प्रसाद का 20 वर्षीय पुत्र दीपक प्रसाद था। बताया जाता है कि एक सप्ताह पूर्व दीपक अपने मित्रों के साथ काम की तलाश में लुधियाना गया था। काम नहीं मिलने पर सब वहां से घर लौट रहे थे। बस्ती में किसी हॉल्ट पर चारों मित्र चाय पीने के लिए नीचे उतरे। चाय पीने के क्रम में ही ट्रेन खुल जाने के कारण सब अलग-अलग डब्बे में चढ़ गये। ट्रेन में काफी भीड़ होने के कारण दीपक अनियंत्रित होकर गिर पड़ा।

जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी। रेलवे ट्रैक पर कई घंटों तक शव पड़ा रहा। सूचना मिलने पर जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर दीपक के पास मिले कागजात के आधार पर परिजनों को सूचना दी। बाद में उसके मित्रों को भी घटना की जानकारी हुई। दीपक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम छा गया। समाचार लिखे जाने तक दीपक का शव गांव नहीं लाया गया था।
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नहीं थम रहे परिजनों के आंसू
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दीपक की मौत की खबर मिलते ही परिजन दहाड़ मारकर चिल्लाने लगे। उसकी मां लीलावती देवी बार-बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो जा रही थी। बेटे की मौत के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। आस-पास के लोग समझाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उसकी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उसकी हालत देख कोई अपने आप को रोक नहीं पा रहा था। सबकी आंखें नम हो जा रही थीं। परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया था। पिता सुदर्शन प्रसाद, छोटे भाई धनंजय, नीतीश, मोहन व छोटी बहनें मनीषा, अनिशा, संजू व मंजू का रो-रो कर बुरा हाल था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि कमाने के लिए घर से निकले दीपक के साथ ऐसी घटना हो जायेगी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।
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परिवार का एकमात्र सहारा था दीपक
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दीपक परिवार का एकमात्र सहारा था। पूरा परिवार उसी पर निर्भर था। वह जो कमाता था, उसी से घर का सारा काम चलता था। उसकी मौत से अब परिवार बेसहारा हो गया है। उसकी मौत ने पूरे परिवार को झंकझोर दिया है। घटना के बाद पूरा गांव मर्माहत है। गांव के सब लोग दीपक के परिजनों को ढाढस बंधा रहे हैं। लेकिन घटना के समय से ही परिजन हताश पड़े हुए हैं। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

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